Friday, July 16, 2010

जगह तो अच्छी है लेकिन क्या गारंटी है की सरकार फिल्मवालों को परेशान नहीं करेगी?

भोपाल. जब भी कही कोई बड़ा बदलाव आता है तो सबसे पहले कुछ छोटी और फिर बड़ी घटनाएं हो जाती हैं. भोपाल के मामले में थोडा उल्टा रहा. इस शहर को पहचान दी एक हादसे ने जिसे न चाहते हुए भी याद करना पड़ता है. यानी गैस कांड. एक लम्बे अन्तराल के बाद एक फिर भोपाल में सुखद बयार बह रही है और वह है भोपाल और उसके आसपास हो रही फिल्मों की शूटिंग जिसने भोपाल को फिर एक नई पहचान देना शुरू कर दी है. अब सवाल एक ही है की क्या जिस तरीके से फिल्म की शूटिंग करने वालों को भोपाल लाने का मन बनाया है क्या उसी तरह इसको जारी भी रखा जाएगा. बहरहाल इस  सवाल का जवाब भले ही बाद में मिले लेकिन भोपाल में फिल्मों के लिए कितनी संभावनाए हैं ये जिक्र भास्कर न्यूज़ की वेबसाइट ने बहुत बेहतर ढंग से दिखाई हैं. 
मिनी बॉलीवुड बनने को बेताब लेक सिटी
भोपाल. झीलों की नगरी भोपाल जल्दी ही फिल्मों के लिए हब बनने जा रहा है। फिल्म इंस्डस्ट्री से लेकर मध्य प्रदेश की सरकार तक इस प्रयास में लगी है कि जल्द से जल्द भोपाल में एक ऐसी फिल्म सिटी का निर्माण हो जाए, जहां बॉलीवुड के लोग बिना किसी हिचक के फिल्मों का निर्माण कर सकें। इसके लिए भोपाल के पास बगरोदा में 430 एकड़ जमीन भी चिंहित कर ली गई है।
पूरा भोपाल और मप्र है शूटिंग के लिए आइडियल
राजधानी में फिल्मों की शूटिंग के लिए एक से बढ़कर एक लोकेशंस है। जिसे कुछ दिनों पहले आई फिल्म राजनीति में भी देखा जा सकता है। भोपाल का गौहर महल, सदर मंजिल, इस्लाम नगर, बोट क्लब, लेकव्यू, तवा, देलावाड़ी, केरवा, भीमबैठका, चिड़ियाटोल, रातापानी अभ्यारण्य, कोलार डेम, कठोतिया, बेनजीर पैलेस, अहमदाबाद पैलेस, कमलापति महल, मनुआभान टेकरी, वीआईपी रोड, रेल कोच, ताजमहल शूटिंग के लिए बेहतर स्थान है।
तैयार है कंस्पेट नोट
मप्र सरकार प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने के लिए पूरी तरह तत्पर है। इसके लिए बकायदा एक कंस्पेट नोट भी बना लिया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सरकार फिल्म निर्माताओं को क्या सुविधा देगी। मप्र सरकार के संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण शर्मा कहते हैं कि हमारा पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द फिल्म सिटी बन कर तैयार हो जाए। इसके लिए हमने जमीन का भी चुनाव कर लिया है। जो भी फिल्म निर्माता यहां फिल्म बनाएगा, उसे पर्याप्त सुविधाओं के साथ कर में भी छूट दी जाएगी। वहीं, संस्कृति विभाग के निदेशक श्रीराम तिवारी कहते हैं कि मैंने फिल्म सिटी के लिए कंस्पेट नोट तैयार कर लिया है। जिसे सरकार को दिया जाएगा। फिल्म सिटी पर कोई भी फैसला राज्य सरकार ही करेगी।
जब कई फिल्मों में दिखा भोपाल
भोपाल में साठ सालों से लगातार फिल्मों की शूटिंग हो रही है। दिलीप कुमार अभिनीत नया दौर से लेकर वर्ष २क्क्९ में प्रकाश झा की विवादित फिल्म राजनीति की अधिकांश शूटिंग इसी शहर में हुई है। इसके अलावा भोपाल को लेकर कई किताबें और फिल्में भी बन चुकी हैं। जिसमें सबसे अधिक ख्यात फिल्में सूरमा भोपाली, भोपाली एक्सप्रेस, वो तेरा नाम था हैं, शामिल हैं।
भोपाल में बनेगा राष्ट्रीय नाटच्य विद्यालय
दिल्ली की तर्ज पर भोपाल में भी राष्ट्रीय नाटच्य विद्यालय बनाने की योजना है। इसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। इस विद्यालय के भोपाल में बन जाने के बाद फिल्मों की शूटिंग के लिए बड़े पैमाने पर अच्छे कलाकार मिल सकेंगे।
भोपाल क्यों बेहतर है फिल्म सिटी के लिए
भोपाल की सबसे बड़ी खासियत उसका देश के बीचोंबीच में होना है। जिसके कारण न सिर्फ रेल बल्कि सड़क और हवाई यातायात से भी यह शहर जुड़ा हुआ है। इसके अलावा यहां कई झीलें हैं। जो कि फिल्मों के लिए अच्छी लोकेशन साबित हो सकती है। वहीं, भोपाल की हरी-भरी वादियां और यहां का खूबसूरत मौसम भी फिल्म निर्माताओं को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों की तुलना में भोपाल आज भी काफी सस्ता है। इंडस्ट्री से जुड़ी सामग्री और सुविधाएं यहां सस्ती मिलती हैं। इसके अलावा यहां ऐसे कलाकारों की भी भरमार है जिन्हें फिल्मों में काम करने का अनुभव है।
फिल्म अभिनेता रजा मुराद कहते हैं कि भोपाल की अधिकांश जगह अभी भी पूरी तरह वर्जिन है। यहां कई ऐसे स्थान हैं, जिसका उपयोग फिल्मों में बड़े पैमाने पर किया जा सकता है। मसलन जैसे राजा भोज का मंदिर हो या फिर भीम बैठका। ये सभी लोकेशन फिल्मों के लिए बहुत खूबसूरत हैं। मुराद आगे कहते हैं कि फिल्म सिटी का पूरा प्रस्ताव अभी कागजों पर ही है लेकिन जिस दिन वह पूरा हो जाएगा, उस दिन बॉलीवुड को एक खूबसूरत लोकेशन मिल जाएगी।
मिले अधिक से अधिक सुविधाएं
बॉलीवुड से जुड़े फिल्म निर्माताओं भोपाल में फिल्म बनाने को तैयार हैं बशर्ते यदि उन्हें और अधिक सुविधाएं मिलें। रजा मुराद कहते हैं कि यदि सरकार फिल्मों के लिए सभी जरुरी सुविधाएं मुहैया कराती हैं तो बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता भोपाल का रुख कर सकेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर संस्कृति व पर्यटन मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा तक कह चुके हैं कि यदि राज्य में किसी फिल्म की पचास फीसदी या इससे अधिक शूटिंग होती है तो मनोरंजन कर में पचास फीसदी की छूट मिलेगी। प्रस्तावित फिल्म सिटी भोपाल के पास बगरोदा में बनना है।
पैनोरमा फिल्म समारोह से बॉलीवुड को रिझाया
फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भोपाल में सोलह साल बाद फिर से भारतीय पैनोरमा फिल्म समारोह शुरु हुआ है। इसमें भाग लेने के लिए बॉलीवुड के कई कलाकारों ने यहां शिरकत की। जिसमें अनुपम खेर पमुख थे। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को रिझाने की कोशिश की।
फिल्म निर्देशकों का कहना है कि भोपाल में लोकेशंस से लेकर यहां तहजीब तक शानदार है। इसका यदि उपयोग फिल्मों में किया जाए तो न सिर्फ भोपाल के साथ न्याय होगा बल्कि बॉलीवुड को भी एक आर्कषक लोकेशंस मिल जाएगी। कुछ दिनों पहले ही भोपाल में अपनी नई फिल्म के लिए लोकेशन देखने आए फिल्म निर्देशक मुज्जफर अली को यहां की तहजीब और संस्कृति ने काफी लुभाया। वे कहते हैं कि भोपाल एक बहुत खूबसूरत शहर है। भोपाल गैस त्रासदी पर उन्होंने शीशों का मसीहा नामक एक फिल्म बनाई थी। फिलहाल अली भोपाल में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग की तैयारी कर रहे हैं।
बॉलीवुड से लेकर टेलीविजन तक में है भोपाल का दबदबा
बॉलीवुड की बात करें या फिर टेलीविजन की दुनिया की। हर जगह भोपाल का काफी दबदबा देखने को मिलता है। वरिष्ठ कलाकार से लेकर कई लेखक तक भोपाल से जाकर अपनी किस्मत अजमाएं हैं। चाहे वह जया बच्चन के जीजा राजीव वर्मा हों या फिर मॉडल से अभिनेता बने शावर अली खान।
भोपाल पर फिदा हैं सितारे
झीलों की नगरी को जो भी पहली बार देखता है, वह फिदा हो जाता है। चाहे वह आमिर खान हो या फिर रणवीर कपूर। रणवीर कपूर कहते हैं कि भोपाल आने से पहले मैं काफी चिंता में था। लेकिन शूटिंग के दौरान पता चला कि यहां के लोग काफी अच्छे हैं। रणवीर बार-बार भोपाल आना चाहते हैं। वे कहते हैं कि हिंदुस्तान के अन्य शहरों में कई बार शूटिंग के लिए जाना होता है लेकिन भोपाल की बात ही कुछ और है। राजनीति फिल्म की शूटिंग के दौरान जब कैटरीना कैफ भोपाल आई थीं तो उन्हें पहली ही नजर में भोपाल से प्यार हो गया था। वे कहती हैं कि यह शहर पहली नजर में ही पसंद आ गया। यह शांति, हरियाली और खुशमिजाज लोगों का शहर है। किसी शहर की इससे अच्छी पहचान क्या हो सकती है।
रजा मुराद ने दैनिक भास्कर डॉट कॉम को बताया कि भोपाल बहुत खूबसूरत शहर है। यह अभी भी पूरी तरह ऐसा शहर है जिसे छूआ नहीं गया है। यदि यहां फिल्मों की शूटिंग की जाए तो काफी अच्छा होगा। रजा मुराद की बात को आगे बढ़ाते हुए फिल्मकार केतन देसाई कहते हैं कि कुछ दिनों पहले ही नए प्रोजेक्ट के लिए लोकेशन देखने भोपाल आए थे। देसाई कहते हैं कि उन्हें भोपाल और आसपास की कई जगह काफी पसंद आई। वे अपने कई प्रोजेक्ट यहां शुरु करने वाले हैं।
भोपाल के सितारे
फिल्मों में : अनू कपूर, जावेद अली, जावेद अख्तर, शावर अली, रजा मुराद, सैफ अली खान, राजीव वर्मा, जया बच्चन
टीवी में : सारा खान।
भोपाल और आसपास के इलाके में शूटिंग : नया दौर, राजनीति, एक विवाह ऐसा भी, पीपली लाइव, शूल, युवा, तहीकात।

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